Tanishagarg : 90 दिन ये 3 Rules Follow कर लो, Trading खुद बदल जाएगी

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जब हर स्ट्रेटजी गलत लगने लगती है

Tanishagarg:-अगर आप ट्रेडिंग करते हैं, तो शायद आपने भी ये महसूस किया होगा।

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शुरुआत में लगता है—

“बस एक सही स्ट्रेटजी मिल जाए, फिर सब ठीक हो जाएगा।”

मैं भी इसी भ्रम में था।

RSI लगाया।
EMA बदला।
Moving Average जोड़ा।
फिर कोई नई स्ट्रेटजी मिली, तो पुरानी बेकार लगने लगी।Tanishagarg

2–3 loss हुए नहीं कि दिमाग में वही सवाल—

“शायद स्ट्रेटजी ही गलत है…”

यहीं से शुरू होती है ज़्यादातर ट्रेडर्स की असफलता।

Tanishagarg

सबसे बड़ा भ्रम: समस्या स्ट्रेटजी में है

ट्रेडिंग की दुनिया में एक बहुत खतरनाक भ्रम फैला हुआ है—Tanishagarg
“अगर परफेक्ट स्ट्रेटजी मिल जाए, तो loss कभी नहीं होगा।”

लेकिन सच्चाई इससे बिल्कुल उलट है।

मैंने सैकड़ों ट्रेडर्स को देखा है:

  • जो हर हफ्ते नई स्ट्रेटजी अपनाते हैं
  • जो हर loss के बाद indicator बदल देते हैं
  • जो YouTube से Telegram तक भटकते रहते हैं

और फिर कहते हैं—

“ट्रेडिंग मेरे बस की नहीं है।”

असल में, ट्रेडिंग उनके बस की नहीं होती…
क्योंकि उन्होंने खुद पर काम ही नहीं किया।

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असली समस्या: अनुशासन, स्थिरता और मनोविज्ञान

एक अनुभवी ट्रेडर की बात ने मेरी सोच बदल दी:Tanishagarg

“अगर स्ट्रेटजी ही सब कुछ होती, तो हर trader अमीर होता।”

धीरे-धीरे समझ आया—

  • स्ट्रेटजी सिर्फ एक tool है
  • असली खेल mindset का है

यहीं से मेरी ट्रेडिंग में 3 नियम आए,
जो आसान थे…
लेकिन उन्हें follow करना आसान नहीं था।

नियम 1: पूँजी और लॉट साइज को फिक्स करना

“खेल शुरू होने के बाद नियम नहीं बदले जाते”

मेरी सबसे पुरानी गलती

मैं हर ट्रेड में लॉट साइज बदलता था।

Loss हुआ →
“अगले में ज़्यादा लगा देता हूँ, recover हो जाएगा।”

Profit हुआ →
“चलो size बढ़ाते हैं, आज lucky day है।”

पर असल में मैं:

  • ट्रेडर नहीं
  • जुआरी बनता जा रहा था
  • Tanishagarg trading rules

फिक्स लॉट साइज क्यों ज़रूरी है?

1️⃣ Risk control में आता है

जब आप हर ट्रेड में same lot size रखते हो,
तो कोई भी एक trade आपके पूरे account को तबाह नहीं कर सकता।

2️⃣ Emotion कमजोर पड़ता है

जब पहले से तय होता है—

“आज सिर्फ इसी size से trade करूंगा”

तो:

  • लालच कम होता है
  • डर कम होता है-Tanishagarg trdaing style

3️⃣ स्ट्रेटजी को सही से judge कर पाते हो

अगर हर बार अलग size होगा,
तो ये कभी नहीं समझ पाओगे कि:

  • Profit strategy से आया
  • या size बढ़ाने सेTanishagarg trading

मैंने इसे कैसे लागू किया?

  • मैंने सिर्फ वही पैसा ट्रेडिंग में लगाया,
    जिसके जाने से ज़िंदगी नहीं रुके
  • एक trade में 1–2% से ज़्यादा risk नहीं लिया
  • 90 दिन तक lot size बिल्कुल नहीं बदला – Tanishagarg

Loss हुआ?
तो भी नहीं बदला।

Profit हुआ?
तो भी नहीं बदला।

नियम 2: 90 दिन तक सिर्फ एक ही स्ट्रेटजी

“स्ट्रेटजी बदलने से नहीं, उस पर टिकने से जीत मिलती है”

असफल ट्रेडर की पहचान

अगर कोई मुझसे पूछे—

“Failure का सबसे बड़ा कारण क्या है?”

तो मैं बिना सोचे कहूँगा—
जल्दी हार मान लेना Tanishagarg trading style

अधिकतर लोग:

  • 2 loss में स्ट्रेटजी बदल देते हैं
  • 4 loss में खुद को trader मानना छोड़ देते हैं Tanishagarg trading

90 दिन क्यों ज़रूरी हैं?

1️⃣ Emotional roller-coaster खत्म होता है

बार-बार बदलने से दिमाग में चलता रहता है—

“काश वो वाली strategy ली होती…”

90 दिन का commitment इस सोच को तोड़ देता है।

2️⃣ Strategy की असली nature समझ आती है

हर strategy:

  • trending market में अलग behave करती है
  • sideways market में अलग

90 दिन में:

  • win rate साफ दिखता है
  • risk-reward समझ आता है

3️⃣ असल test आपका होता है

ये challenge strategy से ज़्यादा आपका test है:

  • क्या आप खुद को रोक सकते हो?
  • क्या आप process पर भरोसा रख सकते हो?

मैंने क्या किया?

  • एक simple strategy चुनी
  • पहले demo में 50+ trades देखे
  • फिर खुद से वादा किया:

“90 दिन कुछ भी हो जाए, यही follow करूंगा”

Target पैसा नहीं था…
Target discipline था।

नियम 3: P&L देखना बंद करो

आप प्रक्रिया को control कर सकते हो, नतीजे को नहीं

सबसे मुश्किल लेकिन सबसे powerful नियम

मान लीजिए आपने trade लगाया।

अब क्या करते हो?

हर 5 सेकंड में:

  • P&L देखना
  • Profit में डर
  • Loss में panic

यही वो जगह है जहाँ:

  • Stop loss हटता है
  • Over-trading शुरू होती है

P&L देखने से क्या होता है?

❌ लालच बढ़ता है
❌ डर बढ़ता है
❌ Decision खराब होते हैं

Trading screen एक emotional torture बन जाती है।

Solution: Process पर ध्यान

मैंने खुद को सिखाया:

  • Entry सही थी?
  • SL rule के हिसाब से था?
  • Target logical था?

बस।

P&L बाद में।

Practical तरीके जो मैंने अपनाए

  • Trade लगाने के बाद terminal minimize
  • SL और Target पर alert
  • Trade close होने के बाद journal entry

धीरे-धीरे:

  • बेचैनी कम हुई
  • Focus बढ़ा
  • Mistakes कम हुईं

90 दिन बाद क्या बदला?

सबसे पहले पैसा नहीं बदला।
मैं बदला।

  • Reaction कम हुआ
  • Patience बढ़ा
  • Decision clear हुए

और जब trader बदलता है,
तो result खुद बदलते हैं।

ये ब्लॉग किसके लिए है?

अगर आप:

  • हर loss में strategy बदलते हो
  • P&L देखकर trade बिगाड़ देते हो
  • Trading को stressful मानने लगे हो

तो ये शब्द आपके लिए हैं।

अंतिम सच्चाई: ट्रेडिंग बदलनी है तो खुद को बदलो

Market को आप control नहीं कर सकते।

लेकिन:

  • अपनी सोच
  • अपना discipline
  • अपनी reaction

100% आपके control में है।

निष्कर्ष: प्रक्रिया पर भरोसा रखो

ये 3 नियम—

  • Capital fix
  • One strategy
  • P&L ignore

असल में एक ही बात सिखाते हैं:

“Process सही होगा, तो result खुद सही हो जाएगा।”

90 दिन खुद को दो।
Market को नहीं, खुद को prove करो।

FAQ

❓ क्या स्ट्रेटजी बदलना गलत है?

बार-बार बदलना सबसे बड़ी गलती है।

❓ P&L न देखकर ट्रेड कैसे करें?

SL-TP तय करें और process follow करें।

❓ क्या mindset सच में इतना important है?

हाँ, strategy से भी ज़्यादा।

Disclaimer

यह लेख केवल शैक्षिक उद्देश्य से लिखा गया है। यह कोई निवेश या ट्रेडिंग सलाह नहीं है। ट्रेडिंग में जोखिम शामिल

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